शनिवार को अमरीका ने पश्चिमी इराक़ में हश्दुश्शाबी के कई सैन्य अड्डों को निशाना बनाया था।
हश्दुश्शाबी की वेबसाइट के मुताबिक़, अल-क़ायम शहर में उसकी 45 ब्रिगेड पर अमरीका के हवाई हमलों में शहीद होने वाले सैनिकों की संख्या 27 हो गई है, जबकि 51 लोग ज़ख़्मी हुए हैं। कुछ घायलों की गंभीर हालत के मद्देनज़र मरने वालों की संख्या में अभी और वृद्धि हो सकती है।
हश्दुश्शाबी के रिपोर्टर ने घटना स्थल से रिपोर्ट करते हुए बताया कि मलबे के नीचे से अब तक 27 लाशों को निकालना जा चुका है।
29 दिसम्बर को अमरीकी युद्धक विमानों और ड्रोन विमानों ने हश्दुश्शाबी की 45वीं और 46वीं बटालियनों पर बमबारी की थी। अमरीका ने हश्दुश्शाबी की हिज़्बुल्लाह ब्रिगेड पर हमला करने की बात स्वीकार की है।
पेंटागन ने एक बयान जारी करके कहा है कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों पर हाल ही में हुए रॉकेट हमलों के जवाब में यह हमले किए गए हैं।
ग़ौरतलब है कि हाल ही में करकूक प्रांत में स्थित इराक़ी सैन्य अड्डे पर रॉकेट फ़ायर किया गया था, जिसमें एक अमरीकी ठेकेदार की मौत हो गई थी, और कई सैनिक ज़ख़्मी हुए थे।
इराक़ में दाइश के ख़िलाफ़ युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली स्वयं सेवी फ़ोर्स पर, जो अब इराक़ी सेना का ही हिस्सा है, बड़े हवाई हमले के बाद अमरीका को जवाबी कार्यवाही के लिए भी तैयार रहना होगा।
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन ने इराक़ पर अमरीका के इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि हमलावरों को जल्दी ही समझ में आ जाएगा कि उन्होंने कितनी बड़ी मूर्खता की है।